उत्तराखंड

उत्तरकाशी मोरी ब्लॉक : देवजानी के ग्रामीणों ने प्रधान पर लगाये निमार्ण कार्यों में धांधली के आरोप

एक्सक्लूसिव

जिलाधिकारी को पत्र भेजकर की उच्चस्तरीय जांच की मांग

पुरोला। मोरी विकासखण्ड के देवजानी गांव के ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर ग्रामसभा में हुए निर्माण कार्यों में भारी अनियमितता का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी को पत्र भेजकर उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी मयूर दीक्षित को लिखे पत्र में कहा है कि गांव में ग्राम प्रधान द्वारा निर्माण कार्यों में धांधली की जा रही है। एक ही कार्य को कई मदों में फर्जी दिखाया गया है। कहा कि मनरेगा में किए गए कार्यों की दुबारा एमबी करवाकर राज्य वित्त 14वां,15वां वित्त सहित जलागम में भी दिखाया गया है। इतना ही नही गांव में जलागम द्वारा करीब 8 लाख की लागत से 14 हेक्टेयर भूमि पर बागवानी लगाई गई है जिसका अभी तक ग्राम प्रधान द्वारा भुगतान नही किया गया है। ग्रामीणो ने आरोप लगाया कि जलागम द्वारा पेयजल स्रोतो की मरम्मत हेतु स्वीकृत धनराशि का भी प्रधान ने बंदरबांट कर अपने रिश्तेदारों बागीचों में खर्च कर दी। उन्होने कहा कि जल मिशन योजना के तहत भी घर-घर नल योजना में भी अभी तक कोई कार्य नहीं किया गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय पुरस्कार में गांव को मिली धनराशि को भी ग्राम प्रधान ने गबन कर दिया। इस धनराशि से कोई भी कार्य गांव में नही किया गया है। पत्र में विनोद चौहान, कुलदेव सिंह, आशाराम, सूरज, विजय, राजेन्द्र, महादेव आदि के हस्ताक्षर है। ग्राम प्रधान बबीता देवी से कई दफा सम्पर्क साधने की कोशिश की गयी, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया है।

क्या बोले प्रधान पति जोगेंद्र सिंह : गांव के कुछ लोगों द्वारा लगाए गए आरोप निराधार है। कहा जल मिशन के तहत घर-घर नल योजना में मटीरियल गांव में पहुंच चुका है तथा निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया गया है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय पुरूस्कार में 25 लाख रुपये की धनराशि प्राप्त होनी थी लेकिन कोविड के चलते अभी तक  8 लाख रुपये ही मिले हैं जोकि ग्राम पंचायत के खाते में जमा है।

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